सिंधी समाज को आरक्षण और अल्पसंख्यक का दर्जा मिलना संभव, पूरा सहयोग करूँगा – दादा राम जेठमलानी

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सिंधी समाज को आरक्षण और अल्पसंख्यक का दर्जा मिलना संभव, पूरा सहयोग करूँगा – दादा राम जेठमलानी

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मित्रों,
दादा राम जेठमलानी कल 26.9 2015 को उत्तर प्रदेश सिंधी सभा के कार्यक्रम के लिए लखनऊ  में उपस्थित थे। उत्तर प्रदेश सिंधी सभा द्वारा उन्हें संत बाबा आसुदाराम जी के 55वें निर्वाण महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित एक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

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कल उनसे भेंट करने एवं सिंधी समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का मौका मिला। चर्चा में DIG RPF राजाराम जी, सिंधी कौंसिल ऑफ़ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री परमानन्द खट्टर जी, उत्तर प्रदेश सिंधी सभा के अध्यक्ष श्री मुरलीधर आहूजा जी, सिंध वेलफेयर सोसाइटी के संरक्षक श्री संतराम चंदवानी जी , सिंधी अलसंख्यक मोर्चा के संयोजक श्री अशोक अंशवानी  जी और अध्यक्ष श्री श्रीकांत भाटिया जी एवं मैं अतुल राजपाल राष्ट्रीय अध्यक्ष सिंध वेलफेयर सोसाइटी उपस्थित था ।

चर्चा बहुत अच्छे माहोल में हुई। दादा राम जेठमलानी जी की पहचान एक ऐसे व्यक्ति जो अपनी बात बिना किसी भय या संकोच के एकदम स्पष्टता से कहते हैं, के रूप में होती है । कानून के क्षेत्र में वो स्वयं में एक जीती जागती संस्था है। उनकी क़ानूनी जिरह का लोहा सभी मानते हैं और बड़े से बड़ा नेता , व्यवसायी और उद्योगपति जब कानूनी पचड़े मैं फंसता है तो उनकी शरण मैं जाता है। यहाँ तक प्रधानमन्त्री मोदी जी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जी और श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी भी उनसे कानूनी मदद ले चुके हैं। श्री राम जेठमलानी जी उन पहले व्यक्तियों मैं जिन्होंने 2014 के आम चुनावों मैं मोदी जी को भाजपा का प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करने की अपील की थी। काले धन के मुद्दे पर भी वो मजबूती से सुप्रीम कोर्ट मैं केस लड़े और उनके प्रयासों से ही आज सुप्रीम कोर्ट काले धन को वापस लाने के लिए बनी SIT की मॉनिटरिंग कर रहा है।

श्री राजाराम जी ने उन्हें सिंधी समाज के सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत किये जा रहे प्रयासों के बारे मैं अवगत कराया। उन्होंने विस्तार से जानकारी दी की उनकी लखनऊ पोस्टिंग के दौरान कैसे सिंध वेलफेयर सोसाइटी का गठन हुआ और उनके संरक्षण मैं सशक्तिकरण अभियान आगे बढ़ा। इसी कड़ी में महसूस हुआ की सिंधी समाज के सशक्तिकरण अभियान मैं आरक्षण की भी एक महत्वपूर्ण भूमिका है। राजाराम जी ने श्री जेठमलानी जी को कैसे और क्यों सिंधी समाज को आरक्षण मिल सकता है इसके कानूनी पहलुओं को बताया। क़ानूनी पहलुओं को समझने के बाद दादा जेठमलानी जी इस बात से सहमत हुए की इस विषय मैं प्रयास किया जा सकते हैं। इसके पश्चात् उनसे सिन्धियों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिलवाने के विषय पे भी विस्तृत चर्चा हुई। सभी संवैधानिक धाराओं पे एवं NCM एक्ट पे भी चर्चा हुई। चर्चा के उपरान्त वे इस बात से सहमत हुए के सिन्धियों को अल्पसंख्यक का दिलवाने के लिए प्रयास किये जा सकते हैं। उन्होंने उपरोक्त दोनोँ मुद्दों पे सहयोग देने का आश्वाशन दिया।

उनकी सहभागिता से सिंधी समाज के सशक्तिकरण अभियान को एक नयी ऊर्जा और बल प्राप्त हुआ है। राजाराम जी ने दादा राम जेठमलानी जे से लिंगविस्टिक माइनॉरिटी कमीशन द्वारा जारी 50वीं रिपोर्ट की खामियों पर भी चर्चा की। लिंगविस्टिक माइनॉरिटी कमीशन द्वारा जारी रिपोर्ट का सभी सिंधी संस्थाओं द्वारा गहन अध्ययन और तत्पश्चात उसमें सुधार के लिए अपने अपने राज्यों मैं आंदोलन चलाने की जरुरत है। मैँ सिंधी अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों को अनुरोध करता हूँ की वे लिंगविस्टिक माइनॉरिटी कमीशन की रिपोर्ट पर आंदोलन चलाने के मुद्दे को अपने अजेंडे मैं जरूर शामिल करें। और मुझे पूरा विश्वाश है की इस मुद्दे पर भी उन्हें श्री राजाराम जी और दादा राम जेठमलानी का सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। लिंगविस्टिक माइनॉरिटी कमीशन की रिपोर्ट का अध्यन करने के लिए उसकी वेबसाइट का लिंक संलग्न है:http://nclm.nic.in/

दुःख की भी बात ये है की राजाराम जी का कल लखनऊ प्रवास का आखिरी दिन था। अपने लखनऊ पोस्टिंग के 3.5 साल के पहले और आखिरी दिन तक राजाराम जी सिंधी समाज के सशक्तिकरण अभियान को नयी उच्चाईयों तक ले जाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने अपने लखनऊ प्रवास के दौरान सिंधी समाज के सशक्तिकरण के सन्देश को पुरे देश के हर सिंधी तक पहुँचाने मैं सफलता हासिल की। उनके लखनऊ प्रवास सिंधी समाज के लिए ऐतिहासिक रहा और उनकी वजह से लखनऊ का सिंधी समाज सिंधियों के सशक्तिकरण अभियान का पुरे देश का केंद्र बन गया। लखनऊ का सिंधी समाज श्री राजाराम जी का उनके मार्गदर्शन के लिए तहेदिल से धन्यवाद देता है और अनुरोध करता है की आगे भी वे इसी तरह हमारा मार्गदर्शन करते रहें।

आभार
अतुल राजपाल

Empowerment of Sindhi’s Whatsapp Broadcast 【Connecting Sindhis Worldwide】 Supports:

Every Sindhi must Sign this Petition:

The Prime Minister & his Central Cabinet., The Union Ministry of MInority Affairs.: NOTIFY SINDHIS AS MINORITY UNDER NATIONAL COMMISSION OF MINORITIES ACT, 1992 – Sign the Petition!
Click on the Below Link and follow the Instructions:

https://www.change.org/p/the-prime-minister-his-central-cabinet-the-union-ministry-of-minority-affairs-notify-sindhis-as-minority-under-national-commission-of-minorities-act-1992?recruiter=258581011&utm_source=share_petition&utm_medium=whatsapp

To Join Us Send Your Name & City to 9559544477 on Whatsapp & forward & share this message.

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Showing 4 comments
  • Ramesh B Bhatia
    Reply

    सिन्धी के लिए अल्पसंख्यक का दर्जा मिलना / दिलवाना अच्छी बात है। पर NCPSL का किया हुआ ? सिंधी भाषा को कक्षा पहली से पढ़ाने ,लिखने , बात करने के लिए किया हुआ ? किया बिना भाषा के सिर्फ नाम केसाथ “”नी ” कुछ जोड़ने से सिंधी समाज का उत्थान होगा ? पहचान रख सकेंगे ? पाकिस्तान में कई सिन्धी कुछ कारणों से मुस्लिम बन गए ? और भारत में मिशिनरी स्कूल में पढ़ाई करने से कई ईसाई बन गए ? कुछ सिन्धी आज भी उन सूफी संतों को महान बता कर अपने हिन्दु संतों को भूल जाते हैं ? जिसके कारण उनका रुझान झुकाव अन्य सन्तों पर हो जाता है ? तो अपनी सिन्धी सभ्यता जो “” MOHAN JO DHARO मुहिंजो धारो my city my land “” indus valley civilization “” कहरे नमूने बची सघनदी ?
    नौकरी मिलण भी जरूरी आहे ? DD सिन्धी चैनल भी जरूरी आहे ? सिन्धी बचाइण भी जरूरी आहे ? कुझ सिन्धी तीर्थधाम जो भी सोचींन पिया ? के बारन जे लाये समाज सेवा सां शादी कराईंण जी कोशिश मैं आहिन ? पर सिंधी बोली सेखारण kg to XII जे लाये केर भी ध्यान नथो डीए ? बारर्न खे हुनर सेखारे पहिंजन पैरन ते बियारण् (skilled workers ) जी सोच रखो। रिटायर्ड डॉक्टर इंजीनियर मास्तर बिया भी पहिंजी सेवा डई सघन था।

  • Vivek Anand Kukreja
    Reply

    Pehle toh Sindhi Culture ko bachao.
    Sindhi Channel Chalu Karo, Sindhi School ya phir ek subject Sindhi Specialisation mein Karo.
    Poore saal mein Ek Din Sindhi Day ya Chetichand ke din Public Holiday bhi ghoshit karo
    Aur haan

  • Vivek Anand Kukreja
    Reply

    Humare Indian Currency Notes par bhi Sindhi bhasha mein likha ho, jo haalaki sabhi bhasahao mein hai

    Humien Reservation ki JARURAT NAHI!
    Sindhis are always Hard Working people

    Hum bheek maangno walo mein se nai apne karam se aage badhte hai aur usper vishwas karte hai!
    Jai Hind
    Jai Jhulelal

  • Ramesh Kumar Himthani
    Reply

    yes sabse pahle sindhi bhasha sindhi boli bachpan kha hi sikhariyo

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